पानी पीने का सही तरीका और टाइम | Right Way To Drink Water In Hindi

पानी पीने का सही तरीका और समय

Right Time And Way To Drink Water In Hindi लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं पानी पीने का सही तरीका. पानी कैसे पीना चाहिए, कब पीना चाहिए और कितना पीना चाहिए? ये सब आपको यहाँ जानने को मिलेगा. हालांकि सुनने में ये बड़ी ही फालतू सी बात लगती है, लेकिन हैं बहुत ही महत्वपूर्ण. ये सच है की पानी पीने के भी नियम और तरीके होते हैं.

ये हमारे स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा प्रभाव डालते हैं. आयुर्वेद में भी पानी पीने का सही समय और तरीका बताया गया है जिसका अनुकरण करके आप एक स्वस्थ और लम्बा जीवन जी सकते हैं. पानी हमारे जीवन का आधार है, ये बात आप सब जानते हैं. अगर हमें 4-5 दिन तक पानी ना मिले तो ये निश्चित है की हम मर जायेंगे.

ये भी पूरी तरह सत्य है की ज्यादा पानी पीने के फायदे आपको अपनी लम्बी उम्र के रूप में मिलते हैं. लेकिन अगर आपको पानी पीने का तरीका ही नहीं पता होगा तो  ज्यादा पानी पीने से भी कुछ नहीं होगा. उल्टा इससे आपको कुछ नुकसान जरूर हो सकते हैं.

हम सब बचपन से ये सुनते आ रहे हैं की पानी ज्यादा पीना चाहिए लेकिन क्यों पीना चाहिए आज तक किसी ने नहीं बताया. अगर आपने आयुर्वेद का नाम सुना है तो उसमे बहुत ही अच्छे Water Drinking Rules हिंदी में बताये गए हैं. दरअसल काफी हद तक आपका स्वास्थ्य इस बात पर निर्भर करता है की आप कितना पानी पीते हैं, कब पीते हैं और किस तरीके से पीते हैं.

अगर आप किसी से ये कहेंगे की पानी सही तरीके से नहीं पीने पर आपको भयंकर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, तो वो इस पर विश्वास नहीं करेंगे. लेकिन ये 100% सच है, पानी की कमी से या गलत तरीके से पीने पर आपको क्या नुकसान हो सकते हैं ये सब भी आज हम हमारी पोस्ट में आपको बताएँगे.

आपको पता होना चाहिए की हमारा शरीर जिन चीज़ों से बना है उनका 70% हिस्सा पानी ही है, अब आप हिसाब लगाइए की जिस चीज़ की शरीर को बनाने में इतनी बड़ी भागीदारी है वो साधारण तो हो नहीं सकती. पानी के बिना हम जीवित ही नहीं रह सकते. इसीलिए जल ग्रहण करने के तरीके जानना हमारे लिए जरूरी है ताकि हम हमेशा स्वस्थ रह सकें.

Right Time And Way To Drink Water In Hindi – पानी पीने का सही तरीका

(1) सुबह उठते ही 1 गिलास पानी जरूर पीयें – कई लोग क्या करते हैं की सुबह उठते ही सबसे पहले चाय की तरफ भागते हैं. ये गलत है, सुबह उठते ही सबसे पहले आप बिना कुल्ला किये कम से कम 1 गिलास पानी जरूर पीयें. इससे होगा ये की जो प्राकृतिक लार रात भर आपके मुहं में बनी वो आपके पेट में चली जायेगी. ये लार अति-फायदेमंद होती है.

इसके बारे में कहा जाता है की इसमें 100 दवाओं के बराबर औषधीय गुण पाए जाते हैं. ये Anti Becteria का काम भी करती है साथ में इसमें पाचन क्रिया से सम्बंधित ऐसे तत्व होते हैं जो कभी भी आपको पाचन से सम्बंधित समस्या नहीं होने देंगे.

(2) कभी भी खड़े होकर पानी ना पीयें – ये बीमारी लगभग 85% लोगों को है, अगर दिन में 10 बार वो पानी पीते हैं तो उसमें से 8 बार खड़े होकर ही पानी पीते हैं. आप शायद सोच भी नहीं सकते की आपकी ये आदत उम्र ढलने के साथ साथ आपका चलना भी मुश्किल कर सकती है. जी हाँ खड़े खड़े पानी पीने से घुटनों में दर्द की समस्या हो जाती है, और समय के साथ बहुत ज्यादा बढ़ सकती है.

बल्कि इतनी बढ़ सकती है की चलना तो क्या एक बार बैठने के बाद आपको खड़े होने में भी काफी दर्द महसूस करना पड़ सकता है और आप चारपाई पर पड़े रहने के लिए मजबूर हो सकते हैं. इसलिए हमेशा दिमाग में रखें की जब भी पानी पीयें हमेशा बैठकर पीयें, यही पानी पीने का सही तरीका होता है.

(3) खाना खाने के 1 घंटा पहले पानी पी लें– मान लीजिये आपका सुबह खाना खाने का टाइम 9 बजे का है, तो आप 8 बजे ही पेट भरकर पानी पी लीजिये. इसके बाद बाद पानी ना पीयें, इसका कारण ये है एक तो पानी पेट में बहुत ज्यादा जगह घेर लेता है, इससे आप सही से खाना नहीं खा पाएंगे. दूसरा ये शरीर में भोजन के टूटने में परेशानी पैदा कर सकता है.

पानी पीने का सही तरीका और समय

(4) खाना खाने के बाद भी 1 घंटे तक पानी ना पीयें– ये भी पानी पीने का सही समय व् नियम है की जिस तरह खाने से ठीक पहले पानी नहीं पीना है उसी तरह खाने खाने के बाद भी आपको पानी पीने के लिए 1 घंटे का इंतजार करना चाहिए. ऐसा करना आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होगा. इसका भी कारण है, दरअसल होता क्या है की जब हमें भूख लगती है तो हमारे शरीर में जठराग्नि पैदा होती है.

और जब हम खाना खा लेते हैं तो यही जठराग्नि उस खाने को जलाने यानी पचाने का काम करती है. लेकिन सोचिये अगर आपने खाना खाते ही 1 गिलास पानी पी लिया तो क्या होगा? वो जठराग्नि बुझ जायेगी, मतलब शांत हो जायेगी. ऐसे में अब आपका खाना कैसे पचेगा.

अब सारा Load आ गया Lever पर, मतलब अब 2 समस्याएँ होंगी. 1 तो Lever कमजोर होगा और दूसरा आपकी पाचन क्रिया गडबडा जायेगी. और अगर पेट से सम्बंधित समस्या होती है तो उसके साथ 4 समस्याएँ और हो जाती हैं, ये तो आपने सुना ही होगा. इसीलिए इस वाले पानी पीने के तरीके का ख़ास तौर से ध्यान रखें.

(5) पसीना सूखने तक पानी ना पीयें– गर्मियों के मौसम में हमें थोडा सा काम करते ही बहुत ज्यादा पसीना आ जाता है. या फिर कई बार हम क्या करते हैं की दौड़ते भागते हुए आते हैं और सीधा पानी की और लपकते हैं. ऐसा करना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है. इससे सर्द-गर्म जैसी समस्या तो हो ही सकती है बल्कि आपको Heart Attack भी आ सकता है.

ऐसे बहुत सी घटनाएं हो भी चुकी हैं, इसलिए जहाँ तक हो सके हमें कोशिश करनी चाहिए की पहले हमारा पसीना सूख जाए, उसके बाद ही पानी पीना है. अगर फिर भी आपको बहुत ज्यादा जल्दी है तो आप पहले अपने सिर पर थोडा पानी डालें इससे आपके शरीर और दिमाग का तापमान थोडा कम हो जाएगा, उसके बाद आप पानी पी सकते हैं.

(6) ज्यादा ठंडा पानी ना पीयें – आयुर्वेद में बताया गया है की ज्यादा पानी पीने के फायदे होते हैं, लेकिन ज्यादा ठंडा पानी पीने के नुकसान ही होते हैं. एक तो ठन्डे पानी को पचाने में शरीर को बहुत जोर लगाना पड़ता है क्योंकि ये बहुत भारी होता है. दूसरा इससे आपकी आंत सिकुड़ जाती हैं, जिससे आपका मल कठोर हो जाएगा और आपको कब्ज़ हो जायेगी.

जो लोग ज्यादातर बैठे रहते हैं, कोई शारीरिक श्रम नहीं करते उन्हें ये परेशानी बहुत जल्दी हो सकती हैं. इसलिए जितना हो सके साधारण (मटके का) पानी पीने की कोशिश करें, फ्रिज का पानी हमें दिन-ब-दिन बीमार बनाता जा रहा है. इससे जितना हो सके बचने की कोशिश करें, चाहे गर्मी हो या सर्दी, गुनगुना पानी हमारे स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है.

(7) फलों के साथ पानी ना पीयें – फल खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, लेकिन हम गलती कर देते हैं उनके ऊपर पानी पीकर. फल अम्लीय होते हैं और ये पानी के साथ क्रिया करके Acidity बना देते हैं, जिससे हमें बहुत Problem होती है. इसके साथ आपको असहज महसूस हो सकता है जैसे बैचैनी या फिर जी मितलाना जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं.

(8) हर रोज कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पीयें– हर आदमी हर रोज अलग अलग मात्रा में पानी पीते हैं, ये सही है लेकिन एक बात हमेशा याद रखें की हर रोज आपको कम से कम 3 लीटर पानी पीना ही पीना है. पानी सिर्फ प्यास बुझाने के काम ही नहीं आता है, और भी कई काम हैं पानी के.

जैसे शरीर में जमा गंदगी को मूत्र के साथ धीरे धीरे बाहर निकालते रहना. अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो आपके शरीर में विषाक्त पदार्थ इकठ्ठा होने शुरू हो जाते हैं. और धीरे धीरे करके गंदगी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है,

उसके बाद आदमी के पास बीमार होने के अलावा कोई चारा नहीं बचता. इसलिए हर रोज कम से कम इतना पानी तो जरूर पीयें जितने की शरीर को आवश्यकता है. ये पानी पीने के नियम तरीके हमेशा ध्यान में रखें.

(9) ऊपर से डालकर पानी न पीयें– हम लोग क्या करते हैं की पानी का गिलास भरते हैं की और ऊपर से मुंह में डालना शुरू कर देते हैं. ऐसा करना अपने शरीर के साथ धोखा करना होता है. आयुर्वेद के अनुसार ऐसा करने वाले लोगों की Kidney खराब होने से भगवान् भी नहीं बचा सकते. पानी हमेशा मुहं लगाकर पीना चाहिए, यही पानी पीने का सही तरीका होता है.

(10) रात को सोने से ठीक पहले ज्यादा पानी ना पीयें – ये भी एक बहुत बड़ी गलती है, और अगर रोज रोज इसको दोहराया जाएगा तो ये आपके लिए बहुत बड़ी समस्याएँ खड़ी कर देगा. असल में रात को सोने से पहले जब आप पीते हैं तो उससे आपके दिमाग को ज्यादा ऑक्सीजन मिल जाती है, और Oxygen ज्यादा होने के कारण आपका दिमाग दौड़ना शुरू कर देता है.

आपके दिमाग में तरह तरह के विचार आने लगते है, इससे आपकी नींद में बाधा उत्पन्न होगी. आप रात को अच्छी तरह से सो नहीं पाएंगे, अगर ऐसा आप लगातार करते रहे तो आपमें चिडचिडापन और थकान उदासी की समस्या शुरू हो जायेगी. इसलिए जितना भी पानी पीना हो सोने से आधे घंटे पहले पी लें.

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तो ये थी हमारी पोस्ट पानी पीने का सही तरीका – Right Way And Time To Drink Water In Hindi जो आपने पढ़ी. जिसमे आपने जाना की पानी कब, कैसे और कितना पीना चाहिए. ये लेख आपको कैसा लगा हमें Comment करके जरूर बताएं. पोस्ट को Like और Share करना बिलकुल ना भूलें. हमारे साथ जुड़ने के लिए हमारे Facebook Page को जरूर Like कर लें. धन्यवाद.

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