बवासीर (Piles) क्या है और क्यों होता है | बवासीर का घरेलू इलाज

बवासीर क्या है और इसके कारण व् लक्षण क्या हैं

बवासीर यानी Hemorrhoids आज के दौर में एक आम बीमारी बन चुकी. अगर आप नहीं जानते की बवासीर क्या है, इसके कारण व् लक्षण क्या हैं तो ये लेख पूरा पढ़ें. Piles क्या होता है और ये क्यों होता है? ये सब आप आप हमारी पोस्ट Home Remedies For Piles In Hindi में जानेंगे.

हम आपको बवासीर का घरेलु इलाज इसलिए बताने जा रहे हैं ताकि जो लोग अभी शुरुआती Stage में हैं वो घर पर ही Piles का Treatment कर सकें. बवासीर एक बहुत ही Irritate करने वाली बीमारी है जो हमें हर रोज तकलीफ पहुंचाती है.

ये एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में लोग बताने से शर्माते हैं. यही कारण है की लोग शुरुआत में ही Doctor के पास नहीं जाते या किसी तरह के घरेलू नुस्खे नहीं आजमाते जिसके कारण उनकी बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है. Piles वास्तव में एक तकलीफदेह रोग है.

कई लोगों को तो बवासीर के लक्षण ही नहीं मालुम होते जिसके कारण उन्हें पता ही नहीं चल पाता की उन्हें भी Piles है. वो लोग बवासीर के शुरुआती लक्षणों को ऐसे ही Ignore करते रहते हैं जिससे बीमारी बढ़ जाती है. इसीलिए ये समझना जरूरी है की Hemorrhoids यानी Piles क्या है.

ताकि आप उसकी पहचान करके शुरुआत में ही बवासीर का इलाज ले सकें. क्योंकि इस बीमारी में आप जितनी ज्यादा लापरवाही बरतेंगे आपको उतनी ही ज्यादा तकलीफ झेलनी पड़ेगी. तो चलिए सबसे पहले समझते हैं की आखिर बवासीर क्या होती है और कितने प्रकार की होती है.

What Is Piles In Hindi – बवासीर क्या है

Hemorrhoids यानी बवासीर एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति को मल त्याग में दिक्कत पैदा करती है. मल त्यागने के बाद इस रोग के कारण व्यक्ति को गुदाद्वार में बहुत ज्यादा जलन या उस क्षेत्र में खुलजी का अनुभव होता है. ये बहुत ही परेशान कर देने वाला रोग है.

असल में इस रोग में व्यक्ति के Anus यानी गुदा के अन्दर या बाहर सूजन आ जाती है. जिसके कारण मलद्वार सिकुड़ जाता है. मल द्वार के सिकुड़ने के कारण गुदा के अन्दर की त्वचा सिकुड़कर इकट्ठी हो जाती है और व्यक्ति का पेट सही से साफ़ नहीं हो पाता है.

गुदा द्वार में त्वचा के सिकुड़ने के कारण और मल त्यागते समय उस पर दबाव पड़ने के कारण वहां मस्से उत्पन्न हो जाते हैं. उसके बाद जब भी व्यक्ति मल त्याग करता है तो ये मस्से बार बार छिल जाते हैं जिसके कारण बहुत ज्यादा दर्द या जलन महसूस होती है.

बवासीर के कारण व्यक्ति के गुदा द्वार के बाहरी हिस्से पर भी हमेशा सूजन बनी रहती है जिसके कारण उसे वहां खुजली होती रहती है. कई बार ये रोग कुछ ज्यादा ही बढ़ जाता है जिसमें Anus के अन्दर भी मस्से हो जाते हैं और गुदा द्वार के बाहरी सिरे पर भी.

ऐसे में व्यक्ति को बहुत ही ज्यादा परेशानी होती है, यहाँ तक की उसे बैठने और चलने में भी दिक्कत होने लगती है. गुदाद्वार के अन्दर के मस्से यदि ज्यादा बड़े हो जाते हैं तो ये मल त्याग के समय बाहर आ जाते हैं जिससे बहुत ज्यादा तकलीफ होती है.

बवासीर का घरेलू इलाज

कई बार बवासीर के कारण मल त्याग के समय खून निकलता है जिसे हम खुनी बवासीर भी कहते हैं. यही कारण है की बवासीर का इलाज समय से करवाना बहुत ही जरूरी है. अन्यथा बाद में आपके पास सिर्फ शल्य चिकित्सा यानी Operation का ही Option बचता है.

तो बवासीर क्या है आप अच्छे से समझ गए होंगे. अगर आपको मल त्याग करते समय या करने के बाद दर्द, जलन या खुजली होती है तो समझ जाइए की ये बवासीर की शुरुआत है. कई बार ये समस्या कुछ दिन तक होती है लेकिन फिर अपने आप ठीक हो जाती है.

लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से वही दिक्कत शुरू हो जाती है. इसलिए आप इसे हल्के में ना लें और ऐसे लक्षण महसूस करते ही Piles का Treatment लेना शुरू कर दें. चलिए अब जानते हैं की आखिर Piles क्यों होता है? इसकी वजह क्या क्या हैं?

Causes Of Piles In Hindi – बवासीर होने के कारण

Piles के बहुत सारे कारण हो सकते हैं, कभी भी ये पता नहीं किया जा सकता की किसी व्यक्ति को Piles किस वजह से हुयी है. लेकिन कुछ ऐसी चीज़ें हैं जिनके कारण Piles की Problem हो ही जाती है. उन्हीं कारणों का जिक्र हम यहाँ करने वाले हैं.

(1) अगर आपकी पाचन क्रिया सही नहीं रहती और लम्बे समय से आपको कब्ज़ है तो उसके कारण बवासीर हो जाता है. क्योंकि कब्ज़ रहने के कारण आपको मल त्यागते समय जोर लगाना पड़ता है जिससे गुदा द्वार पर अत्यधिक दबाव पड़ता है.

(2) बहुत ज्यादा लम्बे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने से भी बवासीर हो जाता है. अगर आप कोई ऐसी Job करते हैं जहाँ आपको लम्बे समय तक कुर्सी पर बैठे रहना होता है तो आपको Piles हो सकता है.

(3) बहुत ज्यादा तेल और मसाले वाला खाना खाने से भी Piles का खतरा बढ़ता है.

(4) गर्भवती महिलाओं को भी Piles की समस्या हो जाती है क्योंकि उन्हें इस दौरान कब्ज़ का सामना करना पड़ता है. इसलिए ऐसी महिलाओं को जान लेना चाहिए की बवासीर क्या है और इससे छुटकारा कैसे पाए.

(5) Piles एक ऐसी बीमारी है जो आनुवंशिकता के कारण भी होती है. अगर आपके परिवार में किसी को ये दिक्कत रही है तो हो सकता है आपको भी ये परेशानी हो जाए.

(6) अगर आपका वजन सामान्य से काफी ज्यादा है तो भी बवासीर का खतरा बढ़ता है.

(7) Liver के सही से काम ना करने या खराब होने वजह भी बवासीर रोग उत्पन्न हो जाता है.

(8) अगर आप शराब का अत्यधिक सेवन करते हैं तो 80% से ज्यादा Chances हैं की आपको Piles होगा ही होगा.

(9) अगर आपका काम कुछ ऐसा है की आपको बहुत ज्यादा वजन उठाना पड़ता है तो आपको Piles हो सकती हैं. क्योंकि इससे गुदाद्वार पर Pressure पड़ता है.

(10) कई बार दुसरे Toilets Use करने से भी Hemorrhoids हो जाता है. क्योंकि ऐसा करने से संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है.

तो ये थे बवासीर के कारण जिन पर आपका ध्यान देना जरूरी है. Piles ज्यादातर इन्हीं वजहों से होती है. चलिए अब Piles के Symptoms के बारे में बात कर लेते हैं.

Piles यानी बवासीर के लक्षण

मल त्यागने का दौरान दर्द का अनुभव होना.

मल त्यागने के बाद कई घंटों तक जलन या खुजली रहना.

मल त्यागने के बाद भी ऐसा महसूस होना की पेट सही से साफ़ नहीं हुआ है.

मल त्याग के दौरान ख़ून आना.

गुदा द्वार के अन्दर कांटे जैसी चुभन का अहसास होना.

Piles Treatment At Home In Hindi – बवासीर का घरेलू इलाज

(1) ईसबगोल का प्रयोग – Doctors इस बात का दावा करते हैं की Hemorrhoids होने का सबसे बड़ा कारण Constipation होता है. जब किसी व्यक्ति को कब्ज़ लम्बे समय तक बनी रहती है तो मल बहुत ही ज्यादा कठोर हो जाता है. जिसके कारण मल द्वार पर बहुत ही ज्यादा दबाव बढ़ जाता है.

या हो सकता है की मल त्याग के समय जोर लगाने पर आपका गुदाद्वार अन्दर से छिल जाए. इसी के कारण उसमें मस्से उत्पन्न होते हैं. तो अगर आपको ऐसा महसूस होता है की आपको कब्ज़ रहती है और मल त्याग के समय दर्द होता है तो समझ जाइए की ये बवासीर के शुरूआती लक्षण हैं.

ऐसे में आपको लगातार ईसबगोल के चूर्ण का प्रयोग करना चाहिए. ईसबगोल के चूर्ण की सबसे ख़ास बात ये है की ये कब्ज़ को तुरंत दूर करता है और आपका पेट साफ़ करने में अहम् भूमिका निभाता है. अगर आपका मल कठोर नहीं रहेगा और आपको मल त्यागने के लिए जोर नहीं लगाना पड़ेगा तो बवासीर जैसा रोग आपको तकलीफ नहीं पहुंचाएगा.

(2) Apple Cyder Vinegar + Aloevera – बवासीर का घरेलू इलाज करना चाहते हैं तो एप्पल साइडर विनेगर और एलोवेरा से उत्तम कोई चीज़ नहीं. Apple Cyder Vinegar में कुछ ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं तो की गुदा द्वार में होने वाली जलन और दर्द को रोकते हैं.

बवासीर क्या है और इसके कारण व् लक्षण क्या हैं

वहीँ एलोवेरा का रस आपकी पाचन क्रिया को सही करने के साथ किसी भी प्रकार के अंदरूनी घाव को जल्दी भरने का काम करता है. इन दोनों का प्रयोग करने से बवासीर से जल्दी छुटकारा पाया जा सकता है. एक कटोरी में 2-3 छोटी चम्मच Apple Cyder Vinegar और 2 छोटी चम्मच एलोवेरा का रस डालें.

हर रोज मल त्याग करने के बाद आपको उस कटोरी में एक रूई का टुकड़ा डालकर पूरा भिगोना है. अब आपको उस रूई को थोड़ी देर के लिए गुदा द्वार पर लगाना है. हो सके तो रूई को थोडा अन्दर करने की भी कोशिश करें. लेकिन ज्यादा अन्दर ना करें. ऐसा करने से गुदा द्वार की सूजन कम होने लगेगी और दर्द व् जलन से छुटकारा मिलेगा.

(3) हुक्के के पानी का इस्तेमाल – गाँवों में जिन लोगों को पता है की बवासीर क्या है उनसे अगर आप इसका इलाज पूछेंगे तो वो आपको हुक्के के पानी का महत्व समझा देंगे. हालांकि सभी Doctors इस बात से सहमत नहीं हैं की हुक्के के पानी से बवासीर को ठीक किया का सकता है.

लेकिन ऐसे बहुत से Cases हमें सुनने को मिलते हैं की बवासीर की शुरुआत में ही यदि हुक्के के पानी का Use कर लिया जाए तो कुछ दिन में बवासीर ठीक हो जाती है. हुक्का तो आप समझते होंगे ना?? जिसका प्रयोग धूम्रपान के लिए किया जाता है. धूम्रपान करने के बाद आपको उसका पानी निकालकर किसी बर्तन में डाल लेना है.

अब आप जब भी मल त्याग करें तो अपने मल द्वार को सामान्य पानी के बजाय हुक्के के पानी से साफ़ करना है. ये क्रिया आप 10-12 दिन तक लगातार करें, फर्क आपको खुद महसूस होने लगेगा. आपकी जलन और खुजली ख़त्म हो जायेगी व् अंदरूनी मस्से सूखकर गिर जायेंगे.

(4) गाय के घी का इस्तेमाल – गाय का घी Piles में काफी अच्छा काम करता है. लेकिन जरा रुकिए, आपको Piles दूर करने के लिए गाय का घी खाना नहीं है. इसका इस्तेमाल भी आपको अलग तरीके से करना होता है. सबसे पहले आपको गाय का घी एक कटोरी में लेकर उसे जमा लेना है.

मतलब आपको इसे Fridge में रखना है ताकि वो जमकर कठोर हो जाए. अब जब भी आप मल त्याग करने जाएँ उससे पहले ही उस जमे हुए घी में से एक कांच की गोली से भी थोडा छोटा टुकड़ा साथ ले जाएँ. मल त्याग करने के तुरंत बाद आपको वो घी का टुकड़ा अपनी ऊँगली से Anus के अन्दर डाल लेना है.

उसके बाद आप अपने Normal काम आसानी से कर सकते हैं. धीरे धीरे वो घी आपकी गुदा में पिन्घलता रहेगा और उसे जो काम करना है वो करता रहेगा. गाय का घी दरअसल गुदाद्वार में सिकुड़ी हुयी त्वचा को पोषण देकर फैलाने का काम करता है जिससे मस्से बनना कम हो जाता है.

(5) हल्दी और नीम का तेल – Piles का Treatment करने का सबसे आसान तरीका है हल्दी और नीम का तेल का Paste. हल्दी यानी Turmeric के गुणों से तो आप सब वाकिफ ही होंगे, इसमें लगभग सभी तरह के गुण पाए जाते हैं और ये दर्द निवारक भी है.

वही नीम के तेल के भी अपने फायदे होते हैं जो बवासीर में भी अच्छा काम करता है. आपको एक कटोरी में 2 छोटी चम्मच हल्दी डालकर उसमें 2 छोटी चम्मच ही नीम का तेल मिलाना है. अब आप उसे अच्छी तरह से मिलाइए ताकि वो एक Paste की तरह बन जाए. जिस तरह से हमारी टूथपेस्ट होती है वैसा.

अब आपको हर बार मल त्याग करने के बाद अपनी ऊँगली से ये Paste लेकर अपने गुदा द्वार में मौजूद मस्सों पर अच्छी तरह से लगाना है. आपका दर्द और जलन तो तुरंत दूर होगी ही बल्कि बवासीर दूर करने का ये घरेलू नुस्खा आपको मस्से भी कुछ ही दिन में ठीक कर देगा.

(6) बर्फ दिलाएं राहत – बवासीर के इलाज में बर्फ का भी इस्तेमाल किया जाता रहा है. हालांकि इससे Piles पूरी तरह से ठीक होने का दावा तो हम नहीं कर सकते लेकिन Hemorrhoids में आराम जरूर मिलता है. इसके लिए आपको बर्फ के छोटे छोटे टुकड़े एक कपडे में डालकर गुदा के आस पास के क्षेत्र की सिकाई करनी है.

Icepack का Regular Use करने से आपकी गुदा पर जो सूजन आई होती है वो ख़त्म हो जाती है. जिन व्यक्तियों को गुदा क्षेत्र में खुजली होती है वो सूजन के कारण ही होती है. ऐसे व्यक्तियों के लिए बर्फ की सिकाई काफी फायदेमंद रहती है जो उन्हें दर्द और सूजन से छुटकारा दिलाती है.

(7) छाछ और काला नमक – अगर किसी को बवासीर है तो उसे अपने खाने पीने पर भी ध्यान देना होता है. कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जो पाचन क्रिया को ठीक करने में सहायक होती हैं जिसका सीधा असर बवासीर पर पड़ता है. बवासीर का दर्द आपको उस दिन ज्यादा परेशान करता है जब आपको कब्ज़ हो.

इसलिए आप लोगों को रोज सुबह खाने के साथ ताज़ा छाछ में काला नमक डालकर पीना चाहिए. ये दो तरह से फायदा पहुंचाती है. एक तो भोजन को सही से पचा देती है और दूसरा शरीर को अन्दर से ठंडा रखती है जो की बवासीर को ठीक करने के लिए जरूरी है.

(8) मूली का सेवन – बवासीर के कई नाम होने कारण लोग Confuse हो जाते हैं की उन्हें कौनसा रोग है. आपको अच्छे से समझ लेना चाहिए की बवासीर क्या है और इसे अन्य किन नामों से जाना जाता है. जैसे की बवासीर को अर्श भी कहा जाता है और अर्श ठीक करने के लिए मूली का रस पीने की सलाह दी जाती है.

मूली की तासीर ठंडी होती है और इसमें काफी ज्यादा मात्रा में Fibre भी होता है. इसके अलावा इसमें कुछ ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं जो Piles को ख़त्म करने में सहायता करते हैं. आप चाहें तो कच्ची मूली काले नमक के साथ खा सकते हैं या फिर मूली के रस का सेवन भी कर सकते हैं. इससे आपको काफी ज्यादा राहत मिलेगी.

(9) किशमिश का सेवन – किशमिश का सेवन भी बवासीर ठीक करने का अच्छा घरेलू उपाय है. लेकिन आपको ऐसे ही किशमिश नहीं खानी हैं, बल्कि एक ख़ास तरीके से इनका सेवन करना होता है. तब जाकर ये आपको Piles में आराम पहुंचाने का काम करती हैं.

हर रोज 25 ग्राम किशमिश लें और उन्हें रात को पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उन्हें उसी पानी में हाथ से मसल दें. अच्छी तरह मसलने के बाद आपको वो पानी किशमिश सहित पीना है. ऐसा करने से कुछ ही दिन में आपको बवासीर के मस्सों से राहत मिलेगी.

(10) सादा खाना – अगर बवासीर हो ही गया है तो उसे ठीक करने के लिए आपको कुछ दिन के लिए स्वाद को छोड़ना होगा. आपको ऐसी चीज़ें खाना छोडनी होंगी हो कब्ज़ या बवासीर को बढ़ावा देने का काम करती हैं. या फिर ऐसी चीज़े जो आपके शरीर में गर्मी को एक दम से बढ़ा देती हैं.

जब तक आपका Piles ठीक ना हो जाए तब तक आप चावल, राजमा, चने की दाल, छोले, ज्यादा सफ़ेद नमक, लाल मिर्च, मैदा से बने पदार्थ, शराब, आम, अंडे और मूंगफली वगैरह ना खाएं. अगर खाते भी हैं तो बहुत कम मात्रा में खाएं. इस दौरान आप मूंग की दाल, दलिया, खिचड़ी, दूध और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन ज्यादा करें.

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