अर्जुनारिष्ट (Arjunarishta) के फायदे और Use करने का सही तरीका

अर्जुनारिष्ट के फायदे और Use की जानकारी

अर्जुनारिष्ट के फायदे वाकई काफी ख़ास होते हैं और ये चीज़ हजारों लाखों लोगों द्वारा स्वीकार की जाती है. Arjunarishta Benefits In Hindi लेख में हम आपको बताएँगे अर्जुनारिष्ट का Use और इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका.

Arjunarishta का नाम आपने जरूर सुना होगा चाहे फिर वो किसी भी Company का क्यों ना हो. चलिए आपको बताते हैं की अर्जुनारिष्ट क्या है और इसके क्या क्या स्वास्थ्य लाभ हैं. आप सब ने सुना होगा की एक अर्जुन का पेड़ होता है जिसकी कई प्रजातियाँ होती हैं.

उनमें से एक दो प्रजाति ऐसी हैं जो हृदय रोगों के लिए जबरदस्त फायदेमंद होती हैं. उसी अर्जुन के पेड़ की छाल को उतारकर, उसे कूट पीसकर उसमें अन्य आयुर्वेदिक तत्व सही अनुपात में मिलाकर अर्जुनारिष्ट को तैयार किया जाता है.

Baidyanath, Zandu, Dabur और Patanjali जैसी कंपनियां इसे तैयार करती हैं. आपने अर्जुन की छाल के बारे में जरूर सुना होगा. अर्जुन के पेड़ पर जो छोडा होता है उसे अर्जुन की छाल कहते हैं. अर्जुन की छाल के फायदे सब जानते हैं.

लेकिन जब उसी अर्जुन की छाल में कुछ और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ मिलाकर अर्जुनारिष्ट तैयार किया जाता है तो वो और ज्यादा असरदार हो जाता है. यही कारण है की अर्जुनारिष्ट के फायदे इतने बेहतरीन हो जाते हैं. दिल के मरीजों के लिए तो जैसे ये वरदान होता है.

Arjunarishta असल में एक Liquid Herbal Medicine है जिसे कई महत्वपूर्ण घटकों को मिलाकर तैयार किया जाता है. इसे Fermentation की विधि से बनाया जाता है. आयुर्वेद में मौजूद अगर सभी औषधियों की बात करें तो अश्वगंधा के बाद दूसरा नंबर इसी दवा का आता है.

हमारे कहने का मतलब ये हैं की दुनिया में करोड़ों लोग Arjunarishta का Use कर रहे हैं. आजकल दिल की बीमारियाँ चरम पर हैं. कुछ तो बिगड़ता पर्यावरण और कुछ हमारी जीवनशैली व् खान पान ने हमें दिल का मरीज़ बना दिया है.

आज आप हृदय रोगों से सम्बंधित किसी भी Hospital में चले जाइए वहां आपको मरीजों की लम्बी लम्बी कतारें दिखाई देंगी. असल में आज हर तीसरे चौथे व्यक्ति की दिल से सम्बंधित कोई न कोई बीमारी है. जिसमें अर्जुनारिष्ट काफी कारगर सिद्ध हुआ है.

जिन लोगों ने समय रहते अपनी समस्या को पहचान लिया और समय पर इस Medicine का सेवन शुरू कर दिया उन्हें Arjunarishta के Benefits जीवनदान के रूप में मिले हैं. तो चलिए सबसे पहले जानते हैं की अर्जुनारिष्ट को कैसे बनाया जाता है और इसमें कौन कौन से तत्व मिलाये जाते हैं.

How To Make Arjunarishta In Hindi – अर्जुनारिष्ट बनाने की विधि

जैसा की हमने आपको बताया की अर्जुनारिष्ट को बनाने में सबसे मुख्य तत्व की भूमिका निभाती है अर्जुन की छाल. आप चाहें तो अर्जुनारिष्ट की जगह अर्जुन की छाल का पाउडर भी पानी के साथ ले सकते हैं. या अर्जुन की चाय भी पी सकते हैं.

अर्जुनारिष्ट की ख़ास बात ये है की ये हमारी धमनियों को मजबूत बनाता है और दिल की मांसपेशियों को सुदृढ़. दिल के सही से काम करने के लिए ये दोनों चीज़ें बहुत ही जरूरी होती हैं. तो चलिए सबसे पहले जानते हैं की अर्जुनारिष्ट को बनाने के लिए हमें किन किन चीज़ों की जरुरत पड़ती है.

(1) अर्जुन की छाल

(2) महुआ के फूल

(3) द्राक्षा

(4) पानी

(5) गुड

(6) धाय

सबसे पहले आपको ये सामग्री इकट्ठी करनी है, वैसे आपको कितनी सामग्री का इंतजाम करना है वो इस बात पर निर्भर करता है की आपको कितना अर्जुनारिष्ट बनाना है. लेकिन हम यहाँ आपको 500 ग्राम अर्जुन की छाल से अर्जुनारिष्ट बनाने की विधि बता रहे हैं.

500 ग्राम अर्जुन की छाल में दूसरी चीज़ें कितनी मात्रा में लगेंगी वो आप ध्यान से पढियेगा. क्योंकि अर्जुनारिष्ट के फायदे आपको तभी मिलेंगे जब आप उसे सही तरीके से तैयार करेंगे. तो चलिए अब आपको बताते हैं अर्जुनारिष्ट बनाने का तरीका.

अर्जुनारिष्ट बनाने के लिए आपको सबसे पहले 500 ग्राम अर्जुन की छाल, 100 ग्राम महुआ के फूल और 250 ग्राम द्राक्षा को मिलाकर अच्छे से कूटना है. आपको कोई बहुत ही बारीक चूर्ण नहीं बनाना है बस ठीक ठीक सा कूट लीजिये.

आपने जो मिश्रण तैयार किया है उसे किसी बड़े बर्तन में 5 लीटर पानी लेकर उसमें डाल दीजिये. अब आप बर्तन को Gas पर रख दीजिये और Gas को धीमा कर दीजिये. याद रहे बीच बीच में बड़ी चम्मच से इसे हिलाते रहें.

अर्जुनारिष्ट के फायदे और Use की जानकारी

आपको इस मिश्रण को तब तक Gas पर ही रहने देना है जब तक आपने जितना पानी डाला था उसका चौथा भाग ही रह जाए. यानी अगर आपने 5 Litre पानी डाला था तो इसे तब तक धीमी आंच पर उबालिए जब तक पानी 1.25 लीटर ना रह जाए.

जब ऐसा हो जाए तो बरतन को उतार लें और मिश्रण के थोडा ठंडा होने पर इसमें 100 ग्राम धाय के फूल और आधा किलो गुड डालकर मिला दें. मिश्रण के बिलकुल ठंडा होने के बाद इसे किसी साफ़ कांच के बड़े डब्बे में डालकर ढक्कन बंद करके रख दें.

इसे किसी सूखी और हवादार जगह पर रखना ही जरूरी होता है. 25-26 दिन बाद आप डब्बे को खोलकर उसमें मौजूद मिश्रण को छान लें. जो पदार्थ छनकर आएगा वो अर्जुनारिष्ट ही है. उसे आप किसी दूसरी Bottle में डालकर रख सकते हैं.

तो अगर आप सोच रहे थे की घर पर अर्जुनारिष्ट कैसे बनाये? तो हमने आपकी इस समस्या का समाधान कर दिया है और अर्जुनारिष्ट बनाने की विधि आपको बता दी है. वैसे अगर आप इतनी मेहनत नहीं करना चाहते तो किसी भी अच्छी Company का अर्जुनारिष्ट खरीद सकते हैं.

हमारी नज़र में Baidyanath का अर्जुनारिष्ट सबसे बेहतरीन है जो हमेशा अच्छे Results देता है, बाकी आपकी खुद की मर्ज़ी है, हम यहाँ किसी का Promotion नहीं कर रहे हैं. चलिए अब बारी आती है अर्जुनारिष्ट के स्वास्थ्य लाभ जानने की.

Health Benefits Of Arjunarishta In Hindi – अर्जुनारिष्ट के फायदे

(1) कमजोर दिल को मजबूत बनाये – कमजोर दिल वालों के लिए अर्जुनारिष्ट बहुत ही कारगर दवाई है. जिन लोगों का दिल बात बात पर घबराने लगता है और कोई भी घटना होने पर धड़कन बढ़ जाती है उन्हें 2-3 महीने लगातार Arjunarishta का Use राहत प्रदान करता है.

यह हमारे दिल की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और धमनियों को भी मजबूत बनाने का काम करता है. जिन लोगों का छोटी छोटी बातों की वजह से ही दिल धक् धक् करने लगता है उनके लिए ये Best Tonic है. यह दिल को एक नयी ताकत प्रदान करता है.

ये हमारे शरीर में मौजूद Bad Cholestrol को कम करने का काम करता है जिससे Heart Attack का खतरा काफी कम हो जाता है. इसमें Flavonoids और Polyphenol जैसे तत्व पाए जाते हैं जो दिल के लिए अमृत होते हैं. यूँ समझ लीजिये की दिल की बिमारियों के लिए ये रामबाण औषधि है.

(2) बेहतरीन Health Tonic – ऐसा नहीं है की अर्जुनारिष्ट के फायदे सिर्फ हमारे दिल को ही मिलते हैं. आप इसे एक Health Tonic के रूप में भी इस्तेमाल करके देख सकते हैं. आपको काफी अच्छा महसूस होगा. आपको ऐसा लगेगा की आपमें एक नयी जान आ गयी है.

इसमें मौजूद तत्व Flavonoids, Polyphenols अन्य तरह के Antioxidents आपको Healthy बनाये रखने में सहायता करते हैं. थोडा बहुत लाभ यह आपके Nervous System को भी पहुंचाता ही है. यह आपको मानसिक रूप से भी मजबूत बनाने का काम करता है.

(3) बेहतर Respiration – अर्जुन का इस्तेमाल श्वास सम्बन्धी समस्याओं में भी लाभकारी है. Ashthma और Bronchitis जैसे रोगों में ये बहुत ही अच्छा काम करता है. अगर किसी को सांस लेने में भारीपन महसूस होता है और छाती में कफ जमा होता है तो इसका Use जरूर करें.

ये हमारी श्वास नलियों में जमा कफ और विषैले कणों को बिलकुल साफ़ कर देता है. जिससे हमें सांस लेने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होती. कहने का मतलब ये है की ये हमारे Respiratory System को भी अच्छे से काम करने की क्षमता प्रदान करता है.

(4) दिल की धड़कन को Normal बनाये – अगर कोई व्यक्ति बिलकुल स्वस्थ है तो उसका दिल एक नियमित तरीके से धडकना चाहिए. लेकिन कई लोगों की धड़कन कभी कम हो जाती है और कभी बहुत ही ज्यादा. ये किसी ना किसी हृदय सम्बंधित बीमारी का ही संकेत होता है.

लेकिन अच्छी बात ये है की आयुर्वेद में इसका इलाज अर्जुनारिष्ट के रूप में मौजूद है. ये Medicine आपके दिल की धड़कन को हमेशा Control में रखने का काम करती है. अगर आपके साथ भी कुछ ऐसी ही समस्या है तो आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सहायता से इसका सेवन कर सकते हैं.

(5) Blood Pressure को नियंत्रित करे – अर्जुनारिष्ट का उपयोग करने से रक्तचाप सम्बंधित रोगों में भी लाभ मिलता है. चाहे आप Low Blood Pressure के मरीज हैं या फिर High Blood Pressure के. Arjunarishta के Health Benefits आपको Normal BP के रूप में मिलते हैं.

यह आपके Blood Pressure को नियंत्रित करने का काम करता है. लेकिन ये कोई Special Blood Pressure की दवा नहीं है. बस आप इसे एक General Tonic के रूप में इस्तेमाल करते हैं तो ये आपके Blood Pressure को भी Normal बनाने में सहायता करता है.

(6) अनिद्रा की समस्या में राहत – कुछ हद तक अर्जुनारिष्ट का सेवन करने से अच्छी नींद में भी सहायता मिलती है. अर्जुनारिष्ट में मौजूद तत्व हमें अच्छी नींद प्रदान करने का काम करते हैं. यह दिल और दिमाग को शांत रखना है जिससे ठीक से सोने में मदद मिलती है.

(7) Heart Attack का खतरा करे कम – अर्जुनारिष्ट दिल की लगभग हर बीमारी में समस्या में लाभ पहुंचाता है. यह सभी तरह की ब्लॉकेज को दूर करके रक्त प्रवाह जो सही बनाने का काम करता है. रक्त के पूरे शरीर में सही प्रवाह से दिल पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनता.

जिस कारण दिल को अतिरिक्त मेहनत नहीं करनी पड़ती. ऐसा होने से Heart Attack का खतरा कम होता है. ज्यादातर लोगों को Heart Attack बुरे कोलेस्ट्रोल और ब्लॉकेज की वजह से ही आता है. यह इन दोनों ही समस्याओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

तो ये थे अर्जुनारिष्ट के फायदे जो खासकर दिल की समस्याओं के लिए तो जैसे रामबाण हैं. अगर आपको हृदय से सम्बंधित परेशानी हैं तो आप Doctor की सलाह से इसका सेवन कर सकते हैं. चलिए अब जानते हैं की अर्जुनारिष्ट के सेवन करने की विधि क्या है.

अर्जुनारिष्ट का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए – Arjunarishta को Use करने का तरीका

किसी भी चीज़ को अगर सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो ही उसके पूरे फायदे मिल पाते हैं. ठीक ऐसा ही अर्जुनारिष्ट के साथ भी है. तो इसका प्रयोग करने से पहले हमें इसकी सही खुराक (Dose) और सही समय के बारे में जानना आवश्यक है.

वैसे सलाह दी जाती है की की आप एक बार में 5 ml से 25 ml तक की Dose ले सकते हैं. ये काफी कुछ उम्र और रोग पर भी निर्भर करता है. लेकिन अगर आप व्यस्क हैं और इसे General Tonic के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं तो 15ml की Dose आपके लिए सही रहेगी.

एक बार सुबह खाना खाने के बाद 15 ml और एक बार शाम को खाना खाना खाने के बाद 15 ml. लेकिन यदि आप किसी दिल की समस्या से पीड़ित हैं, जैसे आपको घबराहट होती है, कमजोरी महसूस होती है या फिर धड़कन असामान्य हो जाती है तो आपके लिए Arjunarishta की Dose थोड़ी अलग होगी.

ऐसी स्थिति में आप 20 से 25 ml अर्जुनारिष्ट एक बार में इस्तेमाल करें जिससे आपको बेहतर Results जल्दी देखने को मिलें. अर्जुनारिष्ट का प्रयोग करने का सही तरीका ये हैं की आप जितना अर्जुनारिष्ट ले रहे हैं, उतनी ही मात्रा में उसमें पानी मिलाएं और पी जाएँ.

मान लीजिये आपको 20ml अर्जुनारिष्ट की खुराक लेनी है तो उसमें 20 ml ही पानी मिलाएं और पी जाएँ. इस तरीके से इस्तेमाल करने पर ही आपको अर्जुनारिष्ट के फायदे जल्दी हासिल हो पाते हैं.

अर्जुनारिष्ट के बारे में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

प्रश्न 1 – क्या अर्जुनारिष्ट के कुछ Side Effects भी होते हैं?

उत्तर – जी नहीं ये पूरी तरह से आयुर्वेदिक है और ये आपको किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता. बस आप इसकी Overdose कभी ना लें.

प्रश्न 2 – Arjunarista का Use लगातार कितने दिन तक किया जा सकता है?

उत्तर – आप इसका लगातार 3 महीने तक सेवन कर सकते हैं. अगर आपको इसका और लम्बे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं तो 3 महीने पूरे होने के बाद 15 दिन का Gap अवश्य दें.

प्रश्न 3 – क्या गर्भवती या बच्चे को दूध पीने वाली स्त्री इसका इस्तेमाल कर सकती है?

उत्तर – जी नहीं, नहीं कर सकती.

प्रश्न 4 – और किन लोगों को अर्जुनारिष्ट का सेवन नहीं करना चाहिए?

उत्तर – Diabetes के रोगियों को भी इस दवा का उपयोग करने से बचना चाहिए.

प्रश्न 5 – क्या इसका इस्तेमाल अश्वगंधारिष्ट के साथ किया जा सकता है?

उत्तर – जी हाँ बिलकुल किया जा सकता है, बल्कि अश्वगंधारिष्ट के साथ इस्तेमाल करने से कमजोर दिल वालों को इससे और ज्यादा फायदा मिलता है.

प्रश्न 6 – कौनसी Company का अर्जुनारिष्ट ज्यादा बेहतर है?

उत्तर – अगर आप हमारी सलाह मानें तो बैद्यनाथ का Product सबसे बेहतर है. उसके बाद आप पतंजलि या Zandu का Product भी Use कर सकते हैं?

प्रश्न 7 – अर्जुनारिष्ट की कीमत क्या है?

उत्तर – बैद्यनाथ के 450 ml अर्जुनारिष्ट की Bottle का Price फिलहाल 162 रूपए है. हालांकि अलग अलग Companies के Products की कीमत अलग अलग हो सकती है.

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ये था हमारा लेख अर्जुनारिष्ट के फायदे – Health Benefits Of Arjunarishta In Hindi जिसमें आपने जाना की अर्जुनारिष्ट के सेवन से हमें कौन कौन से स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. उम्मीद है आपको ये लेख काफी पसंद आया होगा.

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