अजवाइन के बेहतरीन फायदे | Health Benefits Of Ajwain In Hindi

अजवाइन के फायदे

अजवाइन के फायदे कितने बेहतरीन होते हैं, ये बात हर कोई नहीं जानता. बावजूद इसके की Ajwain का Use हर घर में रोजाना किया जाता है. आम तौर पर लोग अजवाइन को मसाले के रूप में खाना बनाते समय ही इस्तेमाल करते हैं. क्योंकि लोगों को यह नहीं पता होता है कि अजवाइन भी एक बहुत ही उपयोगी औषधि है और अजवाइन खाने के फायदे एक नहीं बल्कि बहुत सारे हैं.

आज हम इस लेख में अजवायन के प्रयोग के बारे में जानेंगे और साथ ही साथ समझेगे कि Ajwain के Health Benefits कितने हैं. अजवाइन के बारे में एक आम बात कही जाती है कि अकेले अजवाइन ही सैकड़ों तरह के भोजन को पचाने में मदद करती है। इसके साथ ही अजवाइन खाने का एक फायदा यह भी बताया गया है कि इससे कई बीमारियों का इलाज भी हो सकता है.

बहुत से लोगो को इसके फायदे के बारे में पता ही नहीं होता है जिसकी वजह से वो इसका भरपूर फायदा नहीं उठा पाते है क्योकि उनको असल में पूरी जानकारी नहीं होती है इसलिए हम आपके साथ इसकी पूरी जानकारी share करने जा रहे हैं. चलिए जानते हैं अजवायन क्या होती है और कितने प्रकार की होती है.

अजवायन असल में एक बीज के रूप में होती है, जिसका उपयोग औषधि और मसाले के रूप में किया जा सकता है। कई रोगों को दूर करने में अजवाइन बहुत फायदेमंद होती  है। हमारे देश में कई हजार वर्षों तक अजवाइन का उपयोग औषधि के अलावा मसाले के रूप में भी किया जाता है। आप मसाले, पाउडर, काढ़े और जूस के रूप में भी इसका इस्तेमाल कर सकते है. अजवायन जंगली और खुरासानी दो प्रकार की होती है.

Ajwain Benefits In Hindi – अजवाइन के फायदे

(1) पेट की सभी बीमारियों में लाभ देती है – अजवाइन का अगर आप सही से Use करते हो तो ये आपके लिए बहुत ही असरदार साबित होती है. पेट से संबंधित विकार जैसे पेट का दर्द, पेट फूलना आदि में 10 ग्राम अजवायन, 6 ग्राम हरड़ यानी छोटी छोटी हरड़ का सेवन करें और घी में 3 ग्राम भुनी हींग और 3 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना लें। इसकी 2 ग्राम मात्रा प्रतिदिन गुनगुने थोड़े से पानी के साथ लें.

(2) अजवाइन के उपयोग सर्दी और खांसी के इलाज के लिए करे – जुकाम और फ्लू को ठीक करने के लिए 200 से 250 ग्राम अजवाइन को मलमल के कपड़े में बांध लें। और इसके घर में रखे तवे पर गरम करें। इसे सूंघने मात्र ही से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है.

इसके अलावा अजवाइन के बीज का काढ़ा बनाकर पीने से भी सर्दी-जुकाम में लाभ होता है। इसके लिए आप अजवाइन का 2-3 ग्राम चूर्ण गुनगुने दूध या पानी के साथ पिएं। आमतौर पर इसका सेवन दिन में दो से तीन बार करना होता है। सर्दी, सिर दर्द और खांसी में इसका सेवन लाभकारी होता है।

इसके अलावा आप 1 ग्राम अजवाइन, 1 ग्राम सोंठ और 2 लौंग को 200 ml पानी में उबाल लें। जब इस पानी का एक चौथाई (¼) रह जाए, तो पानी को छान लें और उसको पी लें. ऐसा करने से भी  सर्दी-जुकाम में लाभ होता है. कफ के साथ खांसी होने पर, या ज्यादा कफ निकलने पर, या बार-बार खांसी होने पर 125 मिलीग्राम अजवाइन के रस में 2 ग्राम घी और 5 ग्राम शहद मिला लें। इसे रोजाना 3 बार खाएं.

Health Benefits Of Ajwain In Hindi

कफ के साथ खांसी में यह वास्तव में लाभकारी है. इसी तरह 2 ग्राम मुलेठी और 1 ग्राम चित्रक-जड़ का काढ़ा बना लें। इसमें 1 ग्राम अजवाइन मिलाकर रात को खाएं, इससे खांसी में लाभ होता है। 5 ग्राम अजवायन को 250 मिली लीटर पानी में पकाएं। जब पानी आधा हो जाए तो इसे छान लें और उसमे नमक डाल दें। रात को सोते समय इसका सेवन करें। इससे खांसी में लाभ मिलता है.

(3) खांसी और बुखार की समस्या में अजवाइन के फायदे – 2 ग्राम अजवाइन और आधा ग्राम पिप्पली जो छोटी हो, का काढ़ा बना लें. इसका सेवन 5 से 10 ml में करें. यह तापमान और खांसी को ठीक करता है. यदि खांसी पुरानी हो गई है, और पीला (बदबूदार) कफ विकसित हो रहा है। इसके साथ ही अगर पाचन क्रिया धीमी हो गई हो तो 25 मिलीलीटर अजवाइन का काढ़ा बना लें। इसे दिन में 3 बार लेने से लाभ होता है।

पुदीने का रस या 10 ग्राम अजवाइन का रस 10 ग्राम पुदीने के फूल के साथ लें, इसे किसी साफ शीशी में 10 ग्राम देसी कपूर में रखें और अच्छी तरह बंद कर दें. इसे धूप में रखें जिससे ये तीनों चीजें मिलकर समय के साथ औषधि का रूप ले लेंगी. इस औषधि का प्रयोग अनेक रोगों में किया जा सकता है। सर्दी, खांसी, सिर दर्द आदि रोगों में यह बहुत लाभकारी होता है.

यदि इस औषधि में थोड़ा सा भी परिवर्तन कर दिया जाए तो यह दिव्याधार नामक औषधि बन जाती है। सर्दी-जुकाम होने पर दिव्याधार की 3-4 बूंदें रूमाल में डालकर सूंघें। इसके अलावा दिव्याधारा के 4-5 फॉल्स को गर्म पानी में डालकर भाप के रूप में लेना भी संभव है, यह लाभदायक होता है।

(4) पेट के कीड़ों के लिए अजवाइन का Use – अजवाइन आंतों के कीड़े से निपटने में मदद करता है. अजवाइन के बीज का 3 ग्राम चूर्ण छाछ के साथ दिन में दो बार लें, इससे आंतों के हानिकारक कीड़े मर जाते हैं. अजवाइन का चूर्ण 2 ग्राम सुबह काले नमक के साथ लें। यह अपच, गठिया, कृमियों के कारण होने वाले पेट के रोग जैसे पेट फूलना, पेट दर्द, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम की कमजोरी, Acidity आदि को ठीक करता है.

(5) डिलीवरी के बाद अजवाइन खाने के फायदे – प्रसव के बाद महिलाएं अक्सर शरीर में दर्द की शिकायत करती हैं। इस स्थिति में महिलाओं को भूख भी कम लगती है। इस स्थिति में महिलाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे हल्का भोजन करें जिससे आपका भोजन का पाचन ठीक से हो सके. बच्चे के जन्म के बाद कई सालों से अजवाइन का इस्तेमाल महिलाएं दवा के तौर पर करती आ रही हैं।.

अजवाइन खाने से महिलाओं को न सिर्फ गर्भाशय संबंधी विकारों से राहत मिलती है, बल्कि प्रसव के बाद होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है. आप अजवायन के लड्डू बना सकते हैं और Delivary के बाद हर रोज इन लड्डूओं का सेवन कर सकती हैं. इसके आपको कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे.

(6) मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए  -अजवाइन मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायता करता है अजवाइन Use करने के ऐसे Health Benefits हैं जो मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायता करने वालों में से एक हैं. इसके लिए 3 ग्राम अजवाइन को 10 मिलीलीटर तिल के तेल में मिलाकर उसका सेवन करें. ऐसा आपको कम से कम दिन में तीन बार करना है.

(7) अजवाइन त्वचा रोगों के इलाज में मदद करता है – अजवाइन का गाढ़ा Paste दाद, खुजली और संक्रमण के घावों में सहायक होता है। काढा बनाने के लिए सबसे पहले उबलते पानी में अजवाइन डालें. जब ये अच्छी तरह से घुल जाए तो इसे अच्छे से छान लें. उसके बाद इसे ठंडा होने दें और इससे घावों को साफ करें. दाद, फुंसी, गीली खुजली आदि एपिडर्मिस के रोगों में यह वास्तव में फायदेमंद है.

(8) पित्ती के लिए अजवाइन का प्रयोग – पित्ती असल में आपकी त्वचा पर लाल चकत्ते के साथ संक्रमण की स्थिति होती है.  50 ग्राम अजवायन को 50 ग्राम गुड़ के साथ पीस लें और इसकी 1-1 ग्राम की गोली बना लें. 1 गोली सुबह-शाम ताजे पानी के साथ लें। इसके साथ, पूरे मानव शरीर में वितरित पित्ती (ठंडा पित्त) एक सप्ताह के भीतर कम हो जाएगी। बार-बार पेशाब आने की बीमारी में भी इसका सेवन फायदेमंद होता है।

अजवाइन के फायदे

(9) मूत्र संबंधी समस्याओं में – अजवाइन के फायदे आपको मूत्र सम्बन्धी विकारों से बचाने में काफी ज्यादा मदद करते हैं. पेशाब की समस्या होने पर 2 से 4 ग्राम अजवायन गर्म पानी के साथ लेना चाहिए. यह मूत्र संबंधी सभी स्थितियों को ठीक करता है, चाहे फिर वो ज्यादा पेशाब आना हो, कम पेशाब आना हो या फिर पेशाब का बिलकुल ना आना हो.

(10) अजवाइन बुखार का इलाज करने में मदद करें – अपच के कारण बुखार से पीड़ित व्यक्ति को 10 ग्राम अजवायन को 125 मिली पानी में शाम को भिगो देना चाहिए। मैश करने के बाद इसे छानकर पी लें। इसे सुबह-शाम पीने से बुखार उतर जाता है। इन्फ्लुएंजा होने पर 2 ग्राम अजवायन सुबह और शाम को खिलाएं इससे लाभ होता है। अगर बुखार में पसीना बढ़ रहा हो तो 100 से 200 ग्राम अजवायन भून लें। इसे बारीक पीसकर शरीर पर लगाएं।

(11) अजवाइन के सेवन से हैजे में राहत – अजवायन खाने के फायदे हैजे नामक रोग में काफी लाभकारी होते हैं. आप अजवायन की मदद से दिव्यधार रस बना सकते हैं. प्रारंभिक चरण में दिव्याधार देने से तुरंत लाभ मिलता है। अगर एक बार में राहत नहीं मिलती है, तो आप 15-15 मिनट की अवधि में 2-3 बार दे सकते हैं.

(12) चोट लगने पर अजवायन का प्रयोग करें – किसी प्रकार की क्षति होने पर कपड़े के लिए दो तह बना लें। इसकी एक पोटली बना लें और उसमें 50 ग्राम अजवायन डालकर गर्म कर लें। इसे चोट वाली जगह पर कम से कम एक घंटे तक रखें)। इससे राहत मिलती है। चोटों को ठीक करने के लिए अजवायन सेक रामबाण है।

(13) सूजाक के इलाज में फायदेमंद – 5 ग्राम चीनी में 3 बूंद अजवाइन का तेल मिलाएं. इसका सेवन सुबह शाम करें, सूजाक में लाभ होता है. लेकिन इससे आप तुरंत राहत की उम्मीद ना करें क्योंकि हर चीज़ में थोडा समय तो लगता ही है. आप परिणाम देखने के लिए कम से कम 5 से 7 दिन तक अवश्य इंतज़ार करें.

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ये थी हमारी पोस्ट अजवाइन के फायदे – Health Benefits Of Ajwain In Hindi जिसमें आपने अजवायन के सभी स्वास्थ्य लाभों के बारे में जाना. उम्मीद है आपको ये लेख काफी पसंद आया होगा. तो जल्दी से इस लेख को Like और Share कर दीजिये. हमारे साथ जुड़ने के लिए हमारे Facebook Page को Like करें व् हमें Subscribe भी कर लें. Thanks.

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